Pravakta

  • देवेन्द्रराज सुथार जालोर, राजस्थान ‘न हो कमीज़ तो पांव से पेट ढक लेंगे, ये लोग कितने मुनासिब हैं इस सफ़र के लिए. ‘दुष्यंत कुमार’ का यह शेर राजस्थान के जालोर जिला स्थित बागरा कस्बे में बदहाली का जीवनयापन कर रहे गाड़िया लोहार समुदाय की कहानी को बयां करता है. कड़ाके की ठंड में भी इस परिवार के पास न […]
  • जब आप और हम पठान फिल्म के बॉयकोट का समर्थन या विरोध कर रहे हैं, बीबीसी की किसी डॉक्युमेंट्री की राजनीति समझ रहे हैं, या फिर रज़ाई लपेट कर बढ़ती सर्दी का रोना रो रहे हैं, ठीक तब, लद्दाख में एक शख़्स पिघलते ग्लेशियरों की तरफ हम सबका ध्यान खींचने के लिए खुले आसमान के नीचे अनशन कर रहा […]
  • -अशोक “प्रवृद्ध” विविध संस्कृतियों से समाहित विश्व में सर्वाधिक समृद्ध संस्कृति वाला देश भारत का इतिहास भी अत्यंत गौरवशाली रहा है। अनादिकाल से ही यह देश उन वीरों की कर्मभूमि भी रही है, जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह किए बिना इस देश के कल्याण के लिए कार्य किए हैं, और अपने देश के लिए प्राणों […]
  • सीटू तिवारी पटना, बिहार हरियाणा के जींद में सड़क किनारे ढ़ाबे पर तेज आवाज में एक हरियाणवी गाना बज रहा है, जिसका अर्थ है “इतनी उम्र में ब्याह नहीं हो पाया है तो एक जरूरी बात सुनो, 30-35 हज़ार का जुगाड़ करो और बहु ले आओ मोल (खरीद) की, रेल पर बैठ कर कोई बिहार, कोई असम जाओ और कम खर्चे […]
  • – योगेश कुमार गोयल राष्ट्रीय गौरव के अवसर गणतंत्र दिवस पर गणतंत्र दिवस परेड भारत की ताकत को पूरी दुनिया के सामने रखने का एक बड़ा अवसर होता है और इस बार परेड में पूरी दुनिया ने कर्त्तव्य पथ पर भारत की लगातार बढ़ती ताकत को देखा। गणतंत्र दिवस परेड में आयोजित किए गए रंगारंग […]
  • वेद प्रताप वैदिक केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने इतिहास का एक बहुत ही महत्वपूर्ण पृष्ठ पलटकर सारे देश को दिखा दिया है। उन्होंने ‘केरल हिंदू आॅफ नार्थ अमेरिका’ नामक संस्था को संबोधित करते हुए कहा कि प्रसिद्ध मुस्लिम नेता और बड़े चिंतक सर सय्यद अहमद खान ने अब से लगभग डेढ़ सौ साल […]
  • 1994 से बाबा रामदेव मेला समिति बड़वा कर रही खेलों का आयोजन गाँव बड़वा में लगने वाले बाबा रामदेव के मेले में हर वर्ष हजारों धर्म-प्रेमी बाबा रामदेव महाराज के दर्शन के लिए आते हैं. मेले में तरह-तरह की दुकानें सजाई जाती है. वहीं अनेक प्रकार के झूले और  खेलों का आयोजन किया जाता है. […]
  • -ललित गर्ग-भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक धरातल को मजबूती देने, उसके संगठन के आधार को सुदृढ़ बनाने, उसका जनाधार बढ़ाने एवं विभिन्न राज्यों एवं लोकसभा चुनाव में जीत के नये कीर्तिमान गढ़ने की दृष्टि से राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अपने नये कार्यकाल में अग्रसर हो रहे हंै, प्रतीक्षा और कयासों को विराम देते हुए भाजपा […]
  • भारत ने वर्ष 2025 तक 76 गीगावॉट यूटिलिटी स्केल सौर और पवन बिजली उत्पादन क्षमता विकसित करने की योजना बनाई है। इससे भारत 19.5 बिलियन डॉलर (1588 बिलियन रुपए) बचा सकता है। ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर के ताजा अध्ययन में यह बात सामने आई है।ग्लोबल सोलर पावर ट्रैकर और ग्लोबल विंड पावर ट्रैकर के आंकड़ों के […]
  • डाली-डाली में बिखरा बसंत है!मदहोश भरा मेरा तन-मन है!! मलय सुगंधित चंदन सा वास है !जीवन में अद्भुत सा उच्छवास है!! कलियों पर अलियों का बसेरा है !मन मलंग तन बसंत का डेरा है !! धानी चुनर से धरती शरमायी है !मिलन की बेला आज आयी है !! बौराई अमरायी सरसों गदराई है !गेंदा-गुलाब पर […]
  • प्रियंक कानूनगो     भारत सदा से ही अपने मजबूत सांस्कृतिक और सामजिक परिवेश के कारण अलग पहचान के साथ विश्व का मार्गदर्शन करता आ रहा है। हमारी संस्कृति और समाज चिरकाल से ही ऐसे मजबूत मूल्यों पर खड़ा है, जिसने अनेकों विपरीत परिस्थितियों में भी अपने को कायम रखते हुए न सिर्फ अपना बल्कि विश्व […]
  • गुरु गोविन्द सिंह जयन्ती- 5 जनवरी 2023 – ललित गर्ग- भारत की रत्नगर्भा माटी में जन्मे संतपुरुषों, गुरुओं एवं महामनीषियों की शृृंखला में एक महापुरुष हैं गुरु गोविन्द सिंह। जिनकी दुनिया के महान् तपस्वी, महान् कवि, महान् योद्धा, महान् संत सिपाही साहिब आदि स्वरूपों में पहचान होती है। दुनिया में देश व धर्म की रक्षार्थ […]
  • -मनमोहन कुमार आर्य                 मनुष्यों के अनेक कर्तव्यों में से एक कर्तव्य वेदों के सत्यस्वरूप को जानना व उनका नियमित स्वाध्याय करना है। वेदों का स्वाध्याय मनुष्य का कर्तव्य इसलिये है कि वेद संसार का सबसे पुराना व प्रथम ज्ञान है। यह वेदज्ञान मनुष्यों द्वारा अपने पुरुषार्थ से अर्जित ज्ञान नहीं है अपितु सृष्टि के […]
  • -अशोक “प्रवृद्ध” ईसा मसीह और क्रिसमस को लेकर लोगों के मन में अनेक भ्रांतियां, अनगिनत प्रश्न और असंगत कथाओं के कारण अनंत कौतूहल है। यह भी सिद्धप्राय है कि 25 दिसम्बर का ईसा मसीह के जन्मदिन से कोई सम्बन्ध ही नहीं है। एन्नो डोमिनी काल प्रणाली के आधार पर यीशु का जन्म 7 ईसा पूर्व […]
  • -ललित गर्ग –हर रिश्ते को संवेदना से जीने के लिये जरूरी है प्रेम एवं विश्वास। प्यार एवं विश्वास दिलों को जोड़ता है। इससे कड़वे जख्म भर जाते हैं। प्यार की ठंडक से भीतर का उबाल शांत होता है। हम दूसरों को माफ करना सीखते हैं। इनकी छत्रछाया में हम समूह और समुदाय में रहकर शांतिपूर्ण […]
  • –मनमोहन कुमार आर्य        मनुष्य को अपने पूर्वजन्म के शुभकर्मों के परिणामस्वरूप परमात्मा से यह श्रेष्ठ मानव शरीर मिला है। सब प्राणियों से मनुष्य का शरीर श्रेष्ठ होने पर भी यह प्रायः सारा जीवन दुःख व क्लेशों से घिरा रहता है। दूसरों लोगों को देख कर यह अपनी रुचि व सामथ्र्यानुसार विद्या प्राप्त कर धनोपार्जन […]
  • गुरुनानक देव जयन्ती- 8 नवम्बर 2022 के उपलक्ष्य में-ललित गर्ग – विभिन्न धर्म-संप्रदायों की भारतभूमि ने मानव जीवन का जो अंतिम लक्ष्य स्वीकार किया है, वह है परम सत्ता या संपूर्ण चेतन सत्ता के साथ तादात्म्य स्थापित करना। यही वह सार्वभौम तत्व है, जो मानव समुदाय को ही नहीं, समस्त प्राणी जगत् को एकता के […]
  • –मनमोहन कुमार आर्य                 ऋषि दयानन्द ने विश्व प्रसिद्ध ग्रन्थ ‘सत्यार्थप्रकाश’ में प्राचीन भारत में गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति का उल्लेख कर उसके व्यापक प्रचार का मानचित्र प्रस्तुत किया था। यह गुरुकुलीय पद्धति  प्राचीन भारत में सृष्टि के आरम्भ से महाभारत काल व उसके बाद भी देश व विश्व की एकमात्र शिक्षा पद्धति रही है। इसी […]
  • विश्वकर्मा शिल्प कौशल के हिंदू देवता और देवताओं के वास्तुकार हैं। उन्होंने महलों, विमानों और देवताओं के दिव्य हथियारों को डिजाइन किया और बनाया। वह ब्रह्मांड के वास्तुकार भी हैं। उन्हें समर्पित विश्वकर्मा पुराण नामक एक पुराण है जिसमें उन्हें भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव का निर्माता माना जाता है। विश्वकर्मा शब्द में […]
  • देश भर में छठ पूजा की शुरुआत 28 अक्टूबर से होगी. भगवान सूर्य और छठी माता को समर्पित महापर्व छठ पूजा हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है. लोक आस्था का ये पर्व चार दिन तक चलता है. इस साल ये 28 अक्टूबर 2022 से शुरू होगा और […]
  • ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल भारतीय धर्म-दर्शन में दीप का अपना अलग महत्व है। हमारे त्यौहार , दैनन्दिनी, पूजा-पाठ सभी दीपक के साथ रीतिबद्ध रहते हैं। प्रत्येक शुभ कार्य के पूर्व दीप प्रज्वलन की अनूठी परम्परा सनातन काल से चली आ रही है, जिसमें सम्भवतः हमारे पूर्वजों का इस पध्दति के पीछे का यही उद्देश्य रहा होगा […]
  • दिवाली या दीपावली हिंदुस्तान में मनाया जाने वाला एक प्राचीन पर्व है जो कि हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है, इसके पीछे पौराणिक मान्यता है कि दीपावली के दिन हिंदुओं के आराध्य अयोध्या के राजा श्री रामचंद्र अपने चौदह वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या वापस  लौटे थे। इससे पूरा अयोध्या अपने राजा […]
  • – ललित गर्ग –नवरात्रि के बाद आने वाला दशहरा का पर्व हिन्दुओं का बेहद ही खास पर्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन दशहरा का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व बुराइयों से संघर्ष का प्रतीक पर्व है, यह पर्व देश की सांस्कृतिक चेतना […]
  • गणेश चतुर्थी – 31 अगस्त, 2022 पर विशेष -ललित गर्ग-भगवान गणेश भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग हैं, वे सात्विक देवता हैं और विघ्नहर्ता हैं। वे न केवल भारतीय संस्कृति एवं जीवनशैली के कण-कण में व्याप्त है बल्कि विदेशों में भी घर-कारों-कार्यालयों एवं उत्पाद केन्द्रों में विद्यमान हैं। हर तरफ गणेश ही गणेश छाए हुए है। […]
  • पयुर्षण महापर्व- 24-31 अगस्त, 2022 पर विशेष – ललित गर्ग –पयुर्षण पर्व जैन समाज का आठ दिनों का एक ऐसा महापर्व है जिसे खुली आंखों से देखते ही नहीं, जागते मन से जीते हैं। यह ऐसा मौसम है जो माहौल ही नहीं, मन को पवित्रता में भी बदल देता है। आधि, व्याधि, उपाधि की चिकित्सा कर […]
  • श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव-जन्माष्टमी- 19 अगस्त 2022 पर विशेष-ललित गर्ग – भगवान श्रीकृष्ण हमारी संस्कृति के एक अद्भुत एवं विलक्षण राष्ट्रनायक हैं। श्रीकृष्ण का चरित्र एक लोकनायक का चरित्र है। वह द्वारिका के शासक भी है किंतु कभी उन्हंे राजा श्रीकृष्ण के रूप में संबोधित नहीं किया जाता। वह तो ब्रजनंदन है। समाज एवं राष्ट्र व्यवस्था […]
  • 11 अगस्त 2022 को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर विशेष आलेख भारत में वैसे तो पूरे वर्ष भर ही कई प्रकार के धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक त्यौहार मनाए जाते हैं परंतु रक्षाबंधन का त्यौहार विशेष महत्व का त्यौहार माना जाता है। भारतीय सनातन हिंदू धर्म संस्कृति के अनुसार रक्षाबन्धन का त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा को […]
  •  राखी के त्योहार का मतलब केवल बहन की दूसरों से रक्षा करना ही नहीं होता है बल्कि उसके अधिकारो और सपनों की रक्षा करना भी भाई का कर्तव्य होता है, लेकिन क्या सही मायनों में बहन की रक्षा हो पाती है। आज के समय में राखी के दायित्वों की रक्षा करना बेहद आवश्यक हो गया […]
  • “वासुदेव सुतं देवम कंस चाणूर मर्दनम्,  देवकी परमानन्दं कृष्णम वन्दे जगतगुरु”  श्रीकृष्ण को विश्व का श्रेष्ठतम गुरु क्यों कहा जाता है?  शिष्य अर्जुन की खोज के कारण?  अर्जुन को कुरुक्षेत्र में ईश्वर का विराट रूप दिखा देने के कारण?  महाभारत के रणक्षेत्र में श्रीमद्भागवद्गीता रच देने के कारण?  या कथनी और करनी में भेद न […]
  • 13 जुलाई 2022 गुरु पूर्णिमा भारतीय सनातन हिंदू संस्कृति में आस्था रखने वाले व्यक्तियों के लिए उनके जीवन में गुरु का स्थान सबसे ऊंचा माना गया है। परम पूज्य गुरुदेव जीवन में आने वाले विभिन्न संकटों से न केवल उबारते हैं बल्कि इस जीवन को जीने की कला भी सिखाते हैं ताकि इस जीवन को […]
  • सरकारी रिपोर्टस पर धूल चढ़ने क्यों देते हैं देश के नीति निर्धारक! (लिमटी खरे) हिमालय का क्षेत्र अब पहले की तरह सुरक्षित नहीं रह गया है। पिछले दिनों जोशीमठ में आई आपदा को कौन नहीं जानता है। जोशी मठ मानो उजड़ गया है। जैसे ही सोशल मीडिया पर जोशीमठ की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए […]
  • पूजा यादव भोपाल, मप्र मध्य प्रदेश में 85 हजार आशा, उषा और इनके कामों में सहयोग करने और निगरानी करने वाली आशा पर्यवेक्षक हैं, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं में काम करती हैं, लेकिन न तो इन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है और न ही श्रम कानूनों के अनुरूप मानदेय या […]
  • देवेन्द्रराज सुथार जालोर, राजस्थान ‘न हो कमीज़ तो पांव से पेट ढक लेंगे, ये लोग कितने मुनासिब हैं इस सफ़र के लिए. ‘दुष्यंत कुमार’ का यह शेर राजस्थान के जालोर जिला स्थित बागरा कस्बे में बदहाली का जीवनयापन कर रहे गाड़िया लोहार समुदाय की कहानी को बयां करता है. कड़ाके की ठंड में भी इस परिवार के पास न […]
  • जब आप और हम पठान फिल्म के बॉयकोट का समर्थन या विरोध कर रहे हैं, बीबीसी की किसी डॉक्युमेंट्री की राजनीति समझ रहे हैं, या फिर रज़ाई लपेट कर बढ़ती सर्दी का रोना रो रहे हैं, ठीक तब, लद्दाख में एक शख़्स पिघलते ग्लेशियरों की तरफ हम सबका ध्यान खींचने के लिए खुले आसमान के नीचे अनशन कर रहा […]
  • सीटू तिवारी पटना, बिहार हरियाणा के जींद में सड़क किनारे ढ़ाबे पर तेज आवाज में एक हरियाणवी गाना बज रहा है, जिसका अर्थ है “इतनी उम्र में ब्याह नहीं हो पाया है तो एक जरूरी बात सुनो, 30-35 हज़ार का जुगाड़ करो और बहु ले आओ मोल (खरीद) की, रेल पर बैठ कर कोई बिहार, कोई असम जाओ और कम खर्चे […]
  • 1994 से बाबा रामदेव मेला समिति बड़वा कर रही खेलों का आयोजन गाँव बड़वा में लगने वाले बाबा रामदेव के मेले में हर वर्ष हजारों धर्म-प्रेमी बाबा रामदेव महाराज के दर्शन के लिए आते हैं. मेले में तरह-तरह की दुकानें सजाई जाती है. वहीं अनेक प्रकार के झूले और  खेलों का आयोजन किया जाता है. […]
  • भारत ने वर्ष 2025 तक 76 गीगावॉट यूटिलिटी स्केल सौर और पवन बिजली उत्पादन क्षमता विकसित करने की योजना बनाई है। इससे भारत 19.5 बिलियन डॉलर (1588 बिलियन रुपए) बचा सकता है। ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर के ताजा अध्ययन में यह बात सामने आई है।ग्लोबल सोलर पावर ट्रैकर और ग्लोबल विंड पावर ट्रैकर के आंकड़ों के […]
  • वंदनामुजफ्फरपुर, बिहार बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में देसी शराब से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. अभी एक महीना पहले ही इसके सेवन से दो दर्जन से अधिक लोगों ने अपनी जान गवाई थी. आश्चर्य की बात यह है कि पिछले महीने जिस छपरा जिला में यह घटना हुई थी, एक माह के […]
  • डॉ. सौरभ मालवीय  पर्यटन देश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाता है। इससे सरकार को राजस्व तथा विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है। इसके कारण विकास कार्यों को भी बढ़ावा मिलता है। भारत एक विशाल देश है। यहां के विभिन्न राज्यों की भिन्न-भिन्न संस्कृतियां हैं। सबकी अपनी परम्पराएं हैं। इसके साथ ही यहां प्राकृतिक सौंदर्य से […]
  • —विनय कुमार विनायक कभी हमारी आवाज की तूती बोलती थी साठ के बाद हमारी बोलती बंद हो गई अब बोलना चाहता हूं खुलकर जब कभी कि धर्म पत्नी जुबाँ पर ताला लगा देती घिघ्घी बंध जाती, समझ में नहीं आती! आखिर सोचता हूं किसके निकट जाकर बात करूं अभिव्यक्ति की आजादी पर बेटे से बोलने […]

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